संपादकीय नीति
प्राइम टाइम हिंदी की हर सामग्री प्रकाशन से पहले तीन चरणों से गुज़रती है — मानक स्रोत से तथ्य-जाँच, नामित लेखक द्वारा समीक्षा, और भाषा की जाँच। कोई भी सामग्री बिना मानवीय समीक्षा के प्रकाशित नहीं होती।
हमारे स्रोत
इतिहास(History), भूगोल(Geography), राजव्यवस्था(Polity) और अर्थव्यवस्था(Economy) के लिए NCERT की पाठ्यपुस्तकें और मानक संदर्भ ग्रंथ (जैसे राजव्यवस्था हेतु एम. लक्ष्मीकांत) प्राथमिक स्रोत हैं। परीक्षा से जुड़ी जानकारी — सिलेबस, पात्रता(Eligibility), पैटर्न — केवल संबंधित आयोग की आधिकारिक अधिसूचना(Notification) से ली जाती है। सरकारी योजना(Scheme)ओं की जानकारी संबंधित मंत्रालय या आधिकारिक पोर्टल से ली जाती है और स्रोत का लिंक पृष्ठ पर दिया जाता है।
तथ्य-जाँच की प्रक्रिया
हर प्रश्न और हर कथन को प्रकाशन से पहले कम-से-कम एक मानक स्रोत से मिलाया जाता है। तिथियाँ, अनुच्छेद(Article) संख्याएँ, नाम और आँकड़े — इन पर विशेष ध्यान दिया जाता है, क्योंकि यहीं सबसे अधिक त्रुटियाँ होती हैं। जिस तथ्य की पुष्टि किसी विश्वसनीय स्रोत से नहीं होती, वह प्रकाशित नहीं किया जाता।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग
सामग्री तैयार करने में तकनीकी सहायता ली जा सकती है, लेकिन कोई भी सामग्री बिना मानवीय जाँच के प्रकाशित नहीं होती। मशीन द्वारा अनुवादित या बिना समीक्षा के तैयार सामग्री हम प्रकाशित नहीं करते। अंग्रेज़ी अनुवाद भी मानवीय रूप से जाँचे जाते हैं।
त्रुटि सुधार
यदि किसी पृष्ठ पर तथ्यात्मक त्रुटि पाई जाती है, तो सूचना मिलने पर उसकी जाँच की जाती है और पुष्टि होने पर सुधार किया जाता है। महत्वपूर्ण सुधार की स्थिति में पृष्ठ पर सुधार की तिथि दर्ज की जाती है। त्रुटि की सूचना संपर्क पृष्ठ के माध्यम से दी जा सकती है।
स्वतंत्रता
प्राइम टाइम हिंदी किसी कोचिंग संस्थान, प्रकाशक या सरकारी निकाय से संबद्ध नहीं है। हम किसी पुस्तक, कोर्स या संस्थान का प्रायोजित प्रचार नहीं करते। यदि भविष्य में कोई संबद्ध लिंक जोड़ा जाता है, तो उसे स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सामग्री AI से बनाई जाती है?
तकनीकी सहायता ली जा सकती है, लेकिन हर सामग्री प्रकाशन से पहले मानवीय तथ्य-जाँच और समीक्षा से गुज़रती है। बिना समीक्षा के कुछ भी प्रकाशित नहीं होता।
गलती मिलने पर क्या करें?
संपर्क पृष्ठ से हमें पृष्ठ का लिंक और सही जानकारी भेजें। जाँच के बाद सुधार किया जाएगा।