लगातार पाँचवें साल दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रदर्शन भारत में: ACLED के आँकड़े
अमेरिकी संस्था ACLED के आँकड़ों के मुताबिक 2026 में सितंबर तक भारत में 18,074 प्रदर्शन दर्ज हुए, जो दुनिया भर के प्रदर्शनों का 17.5% है। भारत लगातार पाँचवें साल इस सूची में सबसे ऊपर है।
ACLED (Armed Conflict Location & Event Data) अमेरिका की एक गैर-लाभकारी संस्था है जो दुनिया भर में राजनीतिक हिंसा और प्रदर्शनों का real-time रिकॉर्ड रखती है। Business Standard के Datanomics विश्लेषण में इसके आँकड़े सामने आए हैं।
भारत के आँकड़े
| अवधि | भारत में प्रदर्शन |
|---|---|
| 2024 (आम चुनाव का साल) | 22,130 (पिछले 10 साल में सबसे ज़्यादा) |
| 2025 | 20,606 |
| 2026 (सितंबर तक) | 18,074 |
2026 में अब तक का आँकड़ा दुनिया के कुल प्रदर्शनों का 17.5% है। 2020 में यह हिस्सा 10.6% था, यानी पिछले कुछ सालों में दुनिया के प्रदर्शनों में भारत की हिस्सेदारी बढ़ी है, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी घटी है।
सरकारी आँकड़े क्यों नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक देश में आंदोलनों से जुड़ा आधिकारिक सरकारी डेटा 2016 के बाद से प्रकाशित नहीं हुआ है, इसलिए ऐसे विश्लेषण के लिए ACLED जैसे स्वतंत्र स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
संदर्भ
यह आँकड़े ऐसे समय आए हैं जब अक्टूबर 2026 में दिल्ली में मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR) और चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ विपक्ष के प्रदर्शन सुर्ख़ियों में हैं।
ध्यान रखें
ACLED में शांतिपूर्ण धरने से लेकर बड़ी रैलियों तक हर तरह के प्रदर्शन गिने जाते हैं। ज़्यादा संख्या का मतलब ज़रूरी नहीं कि हिंसा ज़्यादा हुई; बड़ी आबादी और लोकतांत्रिक अधिकार भी इसकी वजह हैं।
स्रोत: Business Standard (Datanomics)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ACLED क्या है?
अमेरिका की एक गैर-लाभकारी संस्था जो दुनिया भर में राजनीतिक हिंसा और प्रदर्शनों का रिकॉर्ड रखती है।
2026 में सितंबर तक भारत में कितने प्रदर्शन हुए?
18,074, जो दुनिया के कुल का 17.5% है।
