UN में भारत: मानवाधिकार तंत्र राजनीति और दोहरे मापदंड से ऊपर उठें; Forest Rights Act पर रिपोर्ट को चुनौती
संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में भारत ने कहा कि UN के मानवाधिकार तंत्र राजनीतिकरण और चुनिंदा रवैये से ऊपर उठें। यह बयान दिल्ली प्रदर्शनों पर UN मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) की टिप्पणी को भारत द्वारा "अस्वीकार्य हस्तक्षेप" बताने के कुछ दिन बाद आया।
भारत और संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय के बीच हाल की तल्ख़ी के बाद भारत ने UN के मंच पर अपनी बात रखी।
भारत ने क्या कहा
UN में भारत के स्थायी मिशन के First Secretary अनुज स्वरूप ने 81वें सत्र की तीसरी समिति में "Report of the Human Rights Council" पर चर्चा में कहा, "We hope that the UN human rights mechanisms will rise above politicisation and selectivity." उन्होंने कहा कि भारत High Commissioner और OHCHR के साथ काम करता रहेगा और मानवाधिकार पर दोहरे मापदंड के बिना प्रतिबद्ध है।
भारत ने कौन से आँकड़े रखे
| दावा | आँकड़ा |
|---|---|
| बहुआयामी ग़रीबी से बाहर | पिछले दशक में 25 करोड़ से ज़्यादा लोग |
| मुफ़्त अनाज | 80 करोड़ नागरिक |
| मुफ़्त स्वास्थ्य कवर | 60 करोड़ लोग |
| महिलाओं के बैंक खाते | 32 करोड़ |
दिल्ली प्रदर्शनों पर विवाद
पिछले हफ़्ते OHCHR ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शनों से पहले और दौरान प्रदर्शनकारियों, नेताओं, वकीलों और पत्रकारों की "mass detentions" की रिपोर्टों पर चिंता जताई थी। भारत ने इसे "unwarranted" और आंतरिक मामलों में "अस्वीकार्य हस्तक्षेप" बताया था।
Forest Rights Act पर आपत्ति
Special Rapporteur अल्बर्ट बारुमे की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में वन अधिकार कानून के तहत कई दावे, ख़ासकर सामुदायिक दावे, अनसुलझे हैं। भारत ने कहा कि यह दावा एक व्यक्ति की एक submission पर आधारित है। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक 54 लाख से ज़्यादा दावे दायर हुए, 80% से ज़्यादा पर फ़ैसला हुआ और 25 लाख से ज़्यादा पट्टे बाँटे गए।
13 अक्टूबर को UN महासभा ने 2027-29 के लिए मानवाधिकार परिषद में 15 देश चुने, जिनमें नेपाल, जापान, जर्मनी और ब्राज़ील शामिल हैं।
स्रोत: Business Standard (PTI)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
UN में भारत की ओर से किसने बयान दिया?
भारत के स्थायी मिशन के First Secretary अनुज स्वरूप ने।
भारत ने Forest Rights Act पर क्या आँकड़े दिए?
54 लाख से ज़्यादा दावे दायर, 80% से ज़्यादा पर फ़ैसला और 25 लाख से ज़्यादा पट्टे वितरित।
