संसदीय समिति की NTA में बड़े बदलाव की सिफ़ारिश: स्थायी विशेषज्ञ, रद्द परीक्षा पर मुआवज़ा, संसद को रिपोर्ट
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल पर संसदीय स्थायी समिति ने 9 अक्टूबर को अपनी 382वीं रिपोर्ट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े सुधारों की सिफ़ारिश की है। इसमें स्थायी विशेषज्ञ कैडर, प्रशासनिक कारणों से रद्द परीक्षा पर छात्रों को मुआवज़ा, स्वतंत्र शिकायत तंत्र और संसद को सालाना रिपोर्ट शामिल हैं।
NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल तेज़ हुए हैं। संसदीय समिति की रिपोर्ट ने इन पर विस्तार से बात की है।
NTA की मौजूदा स्थिति (रिपोर्ट के मुताबिक)
| बात | आँकड़ा |
|---|---|
| 2018-2026 में परीक्षाएँ | 270 से ज़्यादा, 6.6 करोड़ से ज़्यादा उम्मीदवार |
| 2024-25 में कोर्ट केस | 474 (356 NEET-UG 2024 से जुड़े) |
| स्वीकृत पद | 39, भरे सिर्फ़ 23 (सभी deputation पर) |
| रिक्ति दर | 41% |
NTA Societies Registration Act, 1860 के तहत पंजीकृत सोसायटी है, इसलिए यह सीधे संसद के प्रति जवाबदेह नहीं है और संसद में सालाना रिपोर्ट नहीं रखती।
मुख्य सिफ़ारिशें
स्टाफ़ और ढाँचा
- psychometrics, परीक्षा सुरक्षा और data analytics के स्थायी विशेषज्ञ।
- अहम पदों पर "अतिरिक्त प्रभार" की व्यवस्था बंद हो।
- NTA भर्ती परीक्षाओं के बजाय उच्च शिक्षा की प्रवेश परीक्षाओं पर ध्यान दे।
जवाबदेही
- Public Examinations Act के मामलों पर संसद को सालाना रिपोर्ट।
- blacklisted परीक्षा vendors की सार्वजनिक सूची।
छात्रों के लिए
- प्रशासनिक कारणों से रद्द परीक्षा पर मुआवज़ा।
- शिकायत निवारण की समय-सीमा और स्वतंत्र तंत्र।
- बड़ी परीक्षाओं में उम्र और प्रयास की सीमा की समीक्षा।
NEET-UG
- सीटों के हिसाब से हर साल qualifying cut-off की समीक्षा।
- साझा प्रारंभिक परीक्षा और specialised mains वाले दो-चरण ढाँचे पर विचार।
- सरकारी CBT केंद्रों में भारी निवेश के बाद ही चरणबद्ध तरीके से CBT।
समिति ने कोचिंग केंद्रों के लिए फ़ीस पारदर्शिता, छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा नियामक ढाँचा बनाने का भी सुझाव दिया है। सिफ़ारिशें लागू करना सरकार पर निर्भर है।
स्रोत: Business Standard
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NTA पर संसदीय समिति की रिपोर्ट कब आई?
9 अक्टूबर 2026 को; यह समिति की 382वीं रिपोर्ट है।
क्या समिति ने रद्द परीक्षा पर मुआवज़े की बात कही है?
हाँ, प्रशासनिक कारणों से रद्द परीक्षा पर उम्मीदवारों को मुआवज़े की सिफ़ारिश की है।
