वैशाली में गंगा में नाव पलटी, 13 बच्चों की मौत; 7 बचाए गए, मृतकों के परिवार को ₹4 लाख
बिहार के वैशाली ज़िले के राघोपुर इलाके में 13 अक्टूबर की रात गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई, जिनकी उम्र 15 साल से कम थी। सात बच्चों को बचाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख और प्रधानमंत्री राहत कोष से ₹2 लाख की मदद की घोषणा हुई है।
बिहार के वैशाली ज़िले में मंगलवार रात हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
हादसा कैसे हुआ
ज़िलाधिकारी वर्षा सिंह के मुताबिक नाव राघोपुर थाना क्षेत्र में रात करीब 8:30 बजे गंगा में पलटी। नाव पर 15 से 20 लोग सवार थे, जिनमें ज़्यादातर बच्चे थे। सभी नदी के उस पार एक गाँव में भोज में जा रहे थे। सवार लोगों की सही संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें हैं, कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह संख्या ज़्यादा बताई गई है।
बचाव और इलाज
स्थानीय गोताखोरों और State Disaster Response Force (SDRF) ने बचाव अभियान चलाया। 13 बच्चों के शव बरामद किए गए। बचाए गए सात बच्चों का इलाज पटना के NMCH अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
मुआवज़ा
| किसकी ओर से | राशि |
|---|---|
| मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी | मृतक के परिजन को ₹4 लाख |
| प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष | मृतक के परिजन को ₹2 लाख, घायल को ₹50,000 |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
राघोपुर के विधायक और RJD नेता तेजस्वी यादव ने प्रशासन से बचाव तेज़ करने को कहा और प्रभावित परिवारों से मिलने की बात कही। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने वैशाली के DM को असुरक्षित नावों की पहचान करने का निर्देश दिया है।
नाव से सफ़र करते समय ध्यान रखें
- क्षमता से ज़्यादा लोगों वाली नाव पर न चढ़ें।
- अंधेरे में नदी पार करने से बचें।
- बच्चों के साथ हों तो life jacket की माँग करें।
स्रोत: Deccan Chronicle
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैशाली नाव हादसा कहाँ हुआ?
बिहार के वैशाली ज़िले के राघोपुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी में।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
13 बच्चों की, जिनकी उम्र 15 साल से कम थी; सात बच्चे बचाए गए।
मृतकों के परिवारों को कितनी मदद मिलेगी?
राज्य सरकार की ओर से ₹4 लाख और प्रधानमंत्री राहत कोष से ₹2 लाख।
