रामलीला मैदान आवंटन पर दिल्ली हाईकोर्ट के नए नियम: 90 दिन पहले नोटिस, "पहले आओ-पहले पाओ" नहीं चलेगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि रामलीला और दशहरा आयोजन के लिए मैदानों का आवंटन बिना पूर्व सूचना वाले "पहले आओ-पहले पाओ" तरीके से मनमाना हो सकता है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि हर साल कम से कम 90 दिन पहले सार्वजनिक नोटिस जारी हो और चयन तय मानकों पर हो।

दिल्ली में हर साल सैकड़ों रामलीला कमेटियाँ मैदानों के लिए आवेदन करती हैं। आवंटन को लेकर विवाद भी आम हैं। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने इसके लिए साफ़ नियम तय करने को कहा है।
मामला क्या था
Rays of New Beginning Foundation ने राजा गार्डन के शिवाजी प्लेस स्थित Chunk-C Ground पर रामलीला दशहरा महोत्सव के लिए आवेदन किया था, जिसे DDA ने ख़ारिज कर दिया। संस्था ने पहले आवेदक को मिला आवंटन रद्द कर मैदान ख़ुद को देने की माँग की। कोर्ट ने पाया कि आवेदन की तारीख़ या "पहले आओ-पहले पाओ" नियम के बारे में कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई थी। त्योहार शुरू होने वाले थे, इसलिए कोर्ट ने इस साल का आवंटन रद्द नहीं किया।
कोर्ट के निर्देश
- 90 दिन पहले नोटिस: हर साल पहले आयोजन से कम से कम 90 दिन पहले नोटिस, जिसमें मैदान, तारीख़ें, पात्रता, शुल्क, पाबंदियाँ और चयन के मानक हों।
- एक साथ आवेदन: एक ही मैदान और अवधि के लिए तय विंडो में आवेदन।
- एक जैसी जाँच: संस्था के पंजीकरण, दस्तावेज़ और प्रतिनिधि के अधिकार की जाँच।
- सुरक्षा योजना: भीड़ क्षमता, आपात व्यवस्था, आग और बिजली सुरक्षा, सफ़ाई, ट्रैफ़िक, पार्किंग और मैदान की बहाली की योजना ज़रूरी।
- merit पर चयन: कई योग्य आवेदक हों तो प्रकाशित scoring system से फ़ैसला।
- पुराने आयोजकों को सीमित प्राथमिकता: अच्छे रिकॉर्ड वालों को प्राथमिकता मिल सकती है, लेकिन लगातार दो साल से ज़्यादा नहीं।
- शिकायत निवारण: फ़ैसले को चुनौती देने की व्यवस्था, जिससे आयोजन से पहले विवाद सुलझ सके।
किस पर लागू
DDA के साथ Delhi Urban Shelter Improvement Board (DUSIB) को भी सालाना आवंटन दिशा-निर्देश बनाने को कहा गया है। अगले साल से रामलीला कमेटियों को समय रहते आवेदन की तैयारी करनी होगी।
स्रोत: Business Standard
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रामलीला मैदान आवंटन का नोटिस कितने दिन पहले आएगा?
हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक कम से कम 90 दिन पहले।
क्या पुराने आयोजकों को हमेशा मैदान मिलेगा?
नहीं, अच्छे रिकॉर्ड पर प्राथमिकता मिल सकती है, पर लगातार दो साल से ज़्यादा नहीं।

