नशा-विरोधी कार्यकर्ता "झोटा" की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, बाज़ार और स्कूल बंद रहे
मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ़ "झोटा" की गोली मारकर हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को पंजाब बंद रहा। कई शहरों में बाज़ार और निजी स्कूल बंद रहे। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया है।
पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य में गुस्सा है। उनके परिवार के आह्वान पर बुधवार को पंजाब बंद रहा।
क्या हुआ था
मंगलवार को मानसा के एक भीड़भाड़ वाले बाज़ार में दिनदहाड़े झोटा को गोली मारी गई। उस समय वे Facebook Live पर एक मेडिकल स्टोर संचालक से एक बुज़ुर्ग को नशीली दवाएँ बेचे जाने पर सवाल कर रहे थे। आरोप मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार पर है।
पुलिस कार्रवाई
- आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।
- प्रशासन ने आरोपी के घर का एक हिस्सा गिरा दिया।
बंद का असर
| इलाका | असर |
|---|---|
| होशियारपुर, फ़िरोज़पुर, मानसा | बाज़ार बंद |
| होशियारपुर, जालंधर, मोगा, मानसा | कई निजी स्कूल बंद |
| ज़रूरी सेवाएँ | चालू रहीं |
बंद को कांग्रेस, अकाली दल, BJP, अकाली दल (वारिस पंजाब दे), संयुक्त किसान मोर्चा समेत किसान संगठनों और कर्मचारी यूनियनों का समर्थन मिला।
माँगें और सरकार का जवाब
सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में किसान संगठन ने अमृतसर में मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूँका। एक संयुक्त एक्शन कमेटी ने CM और DGP गौरव यादव के इस्तीफ़े, मानसा के SSP, DSP, SHO और drug inspector की बर्ख़ास्तगी और CBI जाँच की माँग की है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोपी को सख़्त से सख़्त सज़ा दिलाने, नशे के कारोबार पर zero tolerance और शांति बनाए रखने की अपील की है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
स्रोत: Business Standard
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
पंजाब के मानसा के नशा-विरोधी कार्यकर्ता, जो दवा दुकानों से नशीली दवाओं की बिक्री के ख़िलाफ़ अभियान चलाते थे।
पंजाब बंद किसने बुलाया था?
झोटा के परिवार ने, जिसे कई राजनीतिक दलों और किसान संगठनों का समर्थन मिला।
