राजस्थान बनाएगा अपनी पहली पशु चिकित्सा नीति, पशु बीमा पॉलिसी देने में देश में पहले स्थान पर
राजस्थान अपनी पहली राज्य पशु चिकित्सा नीति (State Veterinary Policy) बना रहा है। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने पशुपालन विभाग को इस पर काम शुरू करने का निर्देश दिया है। राज्य पशु बीमा पॉलिसी जारी करने में देश में पहले स्थान पर है।
पशुपालन राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। अब राज्य सरकार पशुओं के इलाज और देखभाल के लिए अलग नीति बनाने जा रही है।
नीति के मुख्य लक्ष्य
- बेहतर नस्ल के लिए advanced breeding तकनीक।
- पशु चिकित्सा कॉलेजों में postgraduate सीटें, specialisation विभाग और आधुनिक labs।
- पशु चिकित्सा संस्थानों का विस्तार, mobile और emergency सेवाएँ मज़बूत करना।
- बीमारियों की निगरानी के लिए आधुनिक diagnostic सुविधाएँ।
- digital और tele-veterinary सेवाएँ।
- अच्छा चारा, बेहतर नस्ल और पशुपालकों की आय बढ़ाना।
अभी की स्थिति
| बात | आँकड़ा |
|---|---|
| mobile veterinary units | 536 |
| मंगला पशु बीमा योजना में पंजीकृत पशु | 43 लाख से ज़्यादा |
| जारी पॉलिसी | 26 लाख से ज़्यादा |
| पशुपालकों को भुगतान | करीब ₹95 करोड़ |
मुख्य सचिव ने mobile units के इलाज और call centre कॉल की रोज़ाना रिपोर्ट और बीमा योजना की नियमित निगरानी का भी निर्देश दिया है।
पशुपालकों के लिए
नीति कब तक जारी होगी, इसकी समय-सीमा अभी तय नहीं है। मंगला पशु बीमा योजना या mobile veterinary unit की जानकारी के लिए नज़दीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग से संपर्क करें।
परीक्षा के लिए
राजस्थान में देश के सबसे ज़्यादा पशुधन में से एक है और ऊँट राज्य पशु (पशुधन श्रेणी) है। RAS और पटवारी जैसी परीक्षाओं में राज्य की पशुपालन योजनाओं पर सवाल आते हैं।
स्रोत: Business Standard
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान की पशु चिकित्सा नीति कौन बना रहा है?
पशुपालन विभाग, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के निर्देश पर।
मंगला पशु बीमा योजना में कितने पशु पंजीकृत हैं?
43 लाख से ज़्यादा, और 26 लाख से ज़्यादा पॉलिसी जारी हुई हैं।
