इंटरनेट बंदी में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर, 2025 में म्यांमार पहले स्थान पर
2025 में इंटरनेट बंदी के मामलों में भारत म्यांमार के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर रहा। राहत की बात यह है कि वैश्विक इंटरनेट बंदियों में भारत की हिस्सेदारी 2020 के 63% से घटकर 2025 में 21% रह गई।
इंटरनेट बंद करने के मामलों में भारत लंबे समय से दुनिया में सबसे ऊपर रहा है। Business Standard के Datanomics विश्लेषण के मुताबिक 2025 में यह तस्वीर कुछ बदली है, लेकिन भारत अब भी दूसरे नंबर पर है।
साल दर साल भारत की हिस्सेदारी
| साल | दुनिया की इंटरनेट बंदियों में भारत का हिस्सा |
|---|---|
| 2016 | 37% |
| 2020 | 63% |
| 2022 | 41% |
| 2025 | 21% |
2025 में म्यांमार पहले, भारत दूसरे और पाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा।
सबसे ज़्यादा बंदी कहाँ
2016 से 2025 के बीच भारत में हुई कुल इंटरनेट बंदियों में:
- जम्मू-कश्मीर: 50.8% (आधे से ज़्यादा)
- मणिपुर: 8.1%
- राजस्थान: 7.6%
बंदी की वजह क्या रही
2025 में सबसे बड़ी वजह विरोध-प्रदर्शन रहे, जो कुल मामलों का 47% थे। 2021 में यह हिस्सा सिर्फ़ 8% था। दूसरी बड़ी वजह सांप्रदायिक हिंसा रही, जिसका हिस्सा 2021 के 6% से बढ़कर 2025 में 24% हो गया। परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए भी कई राज्यों में इंटरनेट बंद किया जाता रहा है।
ताज़ा उदाहरण
अक्टूबर 2026 में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान नई दिल्ली के कुछ हिस्सों में सुरक्षा कारणों से मोबाइल इंटरनेट बंद किया गया था। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
परीक्षा के लिए याद रखें
इंटरनेट बंदी का आदेश आम तौर पर Telecommunications (Temporary Suspension of Services) Rules के तहत दिया जाता है और सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के अनुराधा भसीन फ़ैसले में कहा था कि ऐसी बंदी अनिश्चितकाल के लिए नहीं हो सकती।
स्रोत: Business Standard (Datanomics)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में इंटरनेट बंदी में कौन सा देश पहले नंबर पर रहा?
म्यांमार; भारत दूसरे और पाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा।
भारत में सबसे ज़्यादा इंटरनेट बंदी कहाँ हुई?
2016–2025 के बीच आधे से ज़्यादा (50.8%) मामले जम्मू-कश्मीर में हुए।
