"लद्दाख भारत का अभिन्न अंग, चीन के इनकार से सच नहीं बदलेगा": 28 जगहों के नामकरण पर MEA का जवाब
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि लद्दाख भारत का "अभिन्न और अविभाज्य" हिस्सा है और चीन के किसी इनकार से यह तथ्य नहीं बदलेगा। यह बयान लद्दाख की 28 जगहों को Survey of India के नक्शे पर मानक नाम देने पर चीन की टिप्पणी के जवाब में आया।
लद्दाख में 28 भौगोलिक स्थानों के मानक नाम तय करने के भारत के फ़ैसले पर चीन ने आपत्ति जताई थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 13 अक्टूबर को इस पर साफ़ जवाब दिया।
MEA ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि लद्दाख भारत का "integral and inalienable part" है और चीनी पक्ष का कोई भी इनकार इस स्थापित तथ्य को नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा कि इस पर गृह मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति अपने आप में स्पष्ट है।
28 जगहों का मामला क्या है
जायसवाल के मुताबिक गृह मंत्रालय ने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की 28 जगहों को Survey of India के आधिकारिक नक्शे पर "standard place and feature names" दिए हैं। यह काम लद्दाख प्रशासन और स्थानीय लोगों से सलाह करके किया गया और इसका मक़सद जगहों की सही पहचान और आम लोगों में जागरूकता है।
पृष्ठभूमि
- चीन पहले भी अरुणाचल प्रदेश की जगहों के अपने "नाम" जारी करता रहा है, जिन्हें भारत हर बार ख़ारिज करता आया है।
- 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच तनाव और बातचीत दोनों चलते रहे हैं।
मुख्य बातें
| बात | जानकारी |
|---|---|
| बयान किसने दिया | MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल |
| तारीख़ | 13 अक्टूबर 2026 |
| कितनी जगहें | 28 |
| किस नक्शे पर | Survey of India का आधिकारिक नक्शा |
परीक्षा के लिए: लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 को केंद्र शासित प्रदेश बना था। देश-दुनिया के ऐसे विषयों पर रोज़ के सवालों के लिए करंट अफेयर्स देखें।
स्रोत: News On AIR
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लद्दाख पर चीन की आपत्ति किस बात पर थी?
लद्दाख की 28 जगहों को Survey of India के नक्शे पर मानक नाम दिए जाने पर।
MEA प्रवक्ता कौन हैं?
रणधीर जायसवाल।
