"नकली पनीर" पर दिल्ली हाईकोर्ट सख़्त: FSSAI, केंद्र और दिल्ली सरकार से 6 हफ़्ते में जवाब माँगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस जनहित याचिका पर FSSAI, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है जिसमें दूध के बिना बने "analogue पनीर" को असली पनीर बताकर बेचने पर रोक की माँग है। सभी को छह हफ़्ते में जवाब देना है।
त्योहारों के मौसम में पनीर की माँग सबसे ज़्यादा होती है और इसी दौरान मिलावट की शिकायतें भी बढ़ती हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका ने अब "non-dairy" या "analogue" पनीर का मुद्दा उठाया है।
याचिका में क्या कहा गया
याचिकाकर्ता रिद्धिमा सिंह और अवलोकितेश्वर पद्मपाणि सिद्धार्थ का कहना है कि पनीर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत एक मानक डेयरी उत्पाद है। analogue पनीर में दूध की जगह vegetable fat या तेल जैसी चीज़ें इस्तेमाल होती हैं और उसमें असली पनीर जैसा पोषण नहीं होता। रेस्टोरेंट में खाना खाने वाला ग्राहक यह पहचान ही नहीं पाता कि डिश में असली पनीर है या उसका विकल्प।
याचिका की माँगें
- बाज़ार में बिक रहे पनीर और "पनीर" नाम से बिक रहे उत्पादों की सैंपलिंग और जाँच।
- दिल्ली में analogue पनीर के निर्माण, सप्लाई, बिक्री और परोसने पर रोक।
- होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर, cloud kitchen और e-commerce food कंपनियों के लिए यह साफ़ बताना अनिवार्य हो कि वे analogue या non-dairy विकल्प इस्तेमाल कर रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र non-dairy पनीर के ख़िलाफ़ पहले ही कार्रवाई कर चुके हैं।
कोर्ट ने क्या किया
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन डब्ल्यू सांबरे और जस्टिस संजय सिंह की बेंच ने 14 अक्टूबर को नोटिस जारी कर FSSAI, केंद्र और दिल्ली सरकार से छह हफ़्ते में जवाब माँगा। बेंच ने यह भी दर्ज किया कि याचिकाकर्ताओं ने ऐसी प्रथा होने के आँकड़े पेश किए हैं।
ग्राहक क्या करें
| स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| दुकान से पनीर खरीदते समय | पैकेट पर "Paneer" और ingredients में दूध देखें |
| रेस्टोरेंट में | पूछें कि डिश में dairy पनीर है या analogue |
| शक हो तो | FSSAI के Food Safety Connect ऐप या helpline पर शिकायत करें |
स्रोत: Business Standard
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
analogue पनीर क्या है?
ऐसा उत्पाद जो पनीर जैसा दिखता है पर उसमें दूध की जगह vegetable fat या तेल जैसी चीज़ें इस्तेमाल होती हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने किससे जवाब माँगा है?
FSSAI, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से, छह हफ़्ते में।
