कांगो में इबोला के पुष्ट मामले 9,000 के पार, 4,381 मौतें; Bundibugyo strain का कोई टीका नहीं
कांगो (DRC) के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इबोला के पुष्ट मामले 9,066 हो गए हैं और 4,381 लोगों की मौत हो चुकी है। यह प्रकोप दुर्लभ Bundibugyo strain से है, जिसके लिए कोई स्वीकृत टीका या इलाज नहीं है।
अफ़्रीका के कांगो में इबोला का मौजूदा प्रकोप देश के इतिहास का सबसे बड़ा बन चुका है।
ताज़ा आँकड़े
| बात | संख्या |
|---|---|
| पुष्ट मामले | 9,066 |
| मौतें | 4,381 |
| ताज़ा रिपोर्ट में नए मामले | 88 |
| प्रभावित health zones | 7 प्रांतों में 65 |
अधिकारियों के मुताबिक पुष्ट मामले असल मामलों का करीब एक-तिहाई ही हैं, यानी बहुत से संक्रमण पकड़ में नहीं आ रहे। बड़ी संख्या में मौतें इलाज केंद्रों के बाहर हुई हैं। इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया hotspot में है।
दूसरे देशों तक पहुँचा
युगांडा के बाद केन्या दूसरा देश बन गया है जहाँ कांगो से आया मामला दर्ज हुआ है।
क्यों मुश्किल हो रहा है नियंत्रण
- सरकारी बलों और विद्रोही गुटों के बीच लड़ाई
- स्वास्थ्य सावधानियों की अनदेखी
- बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही
- दवा, उपकरण और इलाज केंद्रों की कमी
यह प्रकोप कांगो के पिछले 16 प्रकोपों से बड़ा हो चुका है और 2014-16 के पश्चिम अफ़्रीका प्रकोप (करीब 11,000 मौतें) के आँकड़े को पार करने की राह पर है।
इबोला के बारे में ज़रूरी बातें
इबोला संक्रमित व्यक्ति के ख़ून, उल्टी या शरीर के दूसरे तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। बुख़ार, कमज़ोरी, उल्टी-दस्त और ख़ून बहना इसके लक्षण हैं। प्रभावित देशों से लौटे किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण हों तो तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दें।
स्रोत: Business Standard (AP)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कांगो में इबोला के कितने मामले हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 9,066 पुष्ट मामले और 4,381 मौतें।
इस प्रकोप का strain कौन सा है?
Bundibugyo virus, जिसका कोई स्वीकृत टीका या इलाज नहीं है।
