केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन का इस्तीफ़ा, राज्यसभा सीट भी छोड़ेंगे; तमिलनाडु में BJP पर देंगे ध्यान
सूचना-प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन ने 13 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा दे दिया और राज्यसभा सीट छोड़ने की इच्छा भी जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि वे तमिलनाडु में BJP को मज़बूत करने पर पूरा समय देना चाहते हैं।
तमिलनाडु BJP के प्रमुख नेता एल मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद छोड़ दी है।
इस्तीफ़े की वजह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में मुरुगन ने कहा कि वे तमिलनाडु लौटकर पार्टी को मज़बूत करने में "पूरा समय" देना चाहते हैं। उन्होंने दिहाड़ी मज़दूरों के बेटे से मंत्री बनने तक के सफ़र को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। रिपोर्ट में इस कदम को आने वाले मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों से भी जोड़ा गया है।
मुरुगन का राजनीतिक सफ़र
| साल | घटना |
|---|---|
| जुलाई 2021 | केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल, इससे पहले तमिलनाडु BJP अध्यक्ष |
| सितंबर 2021 | राज्यसभा सदस्य बने |
| 2024 | मध्य प्रदेश से राज्यसभा में दोबारा चुने गए (कार्यकाल 2030 तक) |
| 2024 | नीलगिरि लोकसभा सीट पर DMK के ए राजा से हारे |
| 2026 | अवनाशी विधानसभा सीट पर TVK उम्मीदवार से हारे |
जून के बाद तीसरा इस्तीफ़ा
मुरुगन जून के बाद मंत्रिपरिषद छोड़ने वाले तीसरे राज्य मंत्री हैं। इससे पहले जॉर्ज कुरियन (जून) और रवनीत सिंह बिट्टू (जुलाई) ने राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकन न मिलने के बाद इस्तीफ़ा दिया था।
परीक्षा के लिए
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री होते हैं। संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत मंत्री राष्ट्रपति की इच्छा तक पद पर रहते हैं और प्रधानमंत्री की सलाह पर नियुक्त होते हैं।
स्रोत: Business Standard
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एल मुरुगन के पास कौन से मंत्रालय थे?
सूचना-प्रसारण और संसदीय कार्य, राज्य मंत्री के रूप में।
मुरुगन ने इस्तीफ़ा क्यों दिया?
तमिलनाडु में BJP को मज़बूत करने पर पूरा समय देने के लिए, जैसा उन्होंने PM को लिखे पत्र में कहा।
